बालसम के फूल : About Balsam Flower in hindi

 Balsam Flower उन चुनिंदा फूलों में गिने जाते हैं जो प्रकृति की अनमोल धरोहर हैं जो न केवल दिखने में मन को मोह लेने वाले हैं बल्कि उनकी सुगंध आकर्षित करने वाली होती है तभी तो बालसम का अर्थ है " धीरता " आज हम बालसम के फूल पर आपके साथ एक विस्तृत जानकारी साझा करने जा रहे हैं आप अंत तक जरूर पढ़ें आपको कुछ नया जानने को मिलेगा

बालसम के फूल : About Balsam Flower in hindi
Balsam Flower


बालसम के फूल | About Balsam flower in hindi 

हिंदी में नाम : बालसम के फूल

इंग्लिश में नाम : Balsam Flower

साइंटिफिक नाम : इम्पेटिसं बलसमिना

  • बालसम के फूलों का रंग गुलाबी लाल या सफेद होता है
  • इसके पौधों की हाइट 10 से 35 इंच तक हो सकती है
  • यह उष्णकटिबंधीय या उपोष्ण कटिबंधीय जलवायु में अच्छा उगता है
  • बालसम के पौधे को कम से कम 4 घंटे सीधी धूप में रखना चाहिए क्योंकि यह एक ऐसा पौधा है जिसे 25 डिग्री सेंटीग्रेड तापमान में यह है अधिक तीव्र गति से उगता है अधिक ठंडा मौसम में इसकी पत्तियों पर पाल पढ़ने से इसकी पत्तियां खराब हो जाती हैं और अधिक लू में भी इसे नहीं रखना चाहिए  क्योंकि पत्तियां जलने का खतरा भी रहता है
  • बालसम के फूल मई से अक्टूबर माह के बीच ज्यादा खिलते है
  • बालसम को गुलाब बालसम नाम से भी जाना जाता है क्योंकि यह सुगंध और सुंदरता में गुलाब के फूल जैसा है
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बालसम के फूल के उपयोग : 

  • हिंदू धर्म में गणेश उत्सव के समय माता गौरी का तीसरे दिन पूजन किया जाता है इस पूजन में बालसम का फूल माता गौरी को अर्पित किया जाता है इसकी अतिरिक्त बालसम का उपयोग अन्य कई शुभ कार्यों में किया जाता है जैसे अनुष्ठान, यज्ञ आदि
  • बालसम के फूल देखने में और सुगंध में बहुत मनमोहन होते हैं इसलिए इनके फूलों का उपयोग सजावटी फूल में भी किया जाता है
  • बालसम के फूलों का उपयोग चिकित्सा विज्ञान में कई प्रकार की दवाइयां बनाने में किया जाता है

बालसम के फूल घर पर कैसे लगाये : 

सबसे पहले आपको ऐसा स्थान चुनना होगा जहां पर आप Balsam Flower लगाना चाहते हो ध्यान रहे यह स्थान ऐसा हो जहां दिन में काम से कम चार-पांच घंटे धूप आती हो यह स्थान आपका बगीचा या आंगन भी हो सकता है अब आप अच्छी क्वालिटी के बीच नमी युक्त दोमट मिट्टी में डाल दें और उसे कुछ हद तक मिट्टी में ढक लें यदि आपके पास अच्छी मिट्टी नहीं है तो आप उसमें गोबर या अन्य कुछ जैविक खाद का भी उपयोग कर सकते हैं
दिन में काम से कम एक बार पौधे पर पानी डालते रहें अपनी एक साथ ज्यादा मात्रा में ना डालें पानी को डालने के लिए स्प्रे का उपयोग करें यदि आप गमले में बालसम का पौधा लगाते हो तो गमले के नीचे एक छेद कर दें ताकि ज्यादा पानी होने पर उसमें से पानी निकल सके और पौधे की जड़े ना गले
आप देखेंगे कि लगभग 10 दिन बाद बीजों में अंकुरण होना शुरू हो गया है कुछ समय पश्चात बालसम पौधा फूल देने लगता है

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